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Showing posts from January, 2020

National Girl Child Day

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          National Girl Child Day 2020 Do you Know? Also Read:   Girls who have won rashtriya bal puraskar in 2020 “ You can call your daughter “Beta” but won’t ever call your son “Beti” this signifies why Daughters are so special ” "आप बेटी को बेटा कह सकते हैं लेकिन प्राय: बेटे को बेटी नहीं कह सकते, ऐसा क्यों बेटी इतनी स्पेशल ?" With a Purpose to spread awareness in society about the lack of equality girls facing today compared to boys, National Girl Child Day is celebrated across India every year on 24th January. In 2008 the Government of India and the Ministry of Women and Child development started Girl Child Day. Also Read:  Girls who have won rashtriya bal puraskar in 2020 The main Significance of National Girl Child Day is to spread knowledge about the issues that a girl child is facing in India. Some major issues which still exist in our society are: 1.  शिक्षा- बालिका शिक्षा पर भारत में पर्याप्त ध्यान देने की जरूरत ...

CAA what?

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CAA(Citizenship Amendment  Act 2020)      INDIA Polls on CAA & NRC   Do you support CAA?             1. Yes              2. No क्या है CAA? .    नागरिकता संशोधन कानून पर देश भर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि केंद्र सरकार इस पर कदम पीछे हटाने को तैयार नहीं है। लोकसभा और राज्यसभा में बिल पास होने के बार राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के साथ ही नागरिकता संशोधन विधेयक ने कानून की शक्ल ले ली इस कानून से बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के धार्मिक अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता मिलने का रास्ता खुल गया है। मगर देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी है। इसके बावजूद देशवासियों के मन में इस कानून को लेकर कई सारे सवाल हैं। यहां हम आपको इससे जुड़े हर सवाल का जवाब दे रहे हैं...  

Know about Pongal

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          पोंगल उत्तर भारत के मकर संक्रांति त्योहार को ही दक्षिण भारत में 'पोंगल' के रूप में मनाया जाता है। यह त्योहार गोवर्धन पूजा, दिवाली और मकर संक्रांति का मिला-जुला रूप है। पोंगल विशेष रूप से किसानों का पर्व है।   कब आता है यह त्योहार? यह त्योहार प्रतिवर्ष मकर संक्रांति के आसपास मनाया जाता है। यह उत्सव लगभग 4 दिन तक चलता है। लेकिन मुख्य पर्व पौष मास की प्रतिपदा को मनाया जाता है। पोंगल अर्थात खिचड़ी का त्योहार सूर्य के उत्तरायण होने के पुण्यकाल में मनाया जाता है।   पोंगल का अर्थ पोंगल के पहले अमावस्या को लोग बुरी रीतियों का त्यागकर अच्छी चीजों को ग्रहण करने की प्रतिज्ञा करते हैं। यह कार्य 'पोही' कहलाता है तथा जिसका अर्थ है- 'जाने वाली।' पोंगल का तमिल में अर्थ उफान या विप्लव होता है। पोही के अगले दिन अर्थात प्रतिपदा को दिवाली की तरह पोंगल की धूम मच जाती है।   चार दिन का उत्सव पोंगल का उत्सव 4 दिन तक चलता है। पहले दिन भोगी, दूसरे दिन सूर्य, तीसरे दिन मट्टू और चौथे दिन कन्या पोंगल मनाया जाता है। पहले दिन भोगी ...